Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुण माईवुड्स सोसाइटी में लिफ्ट हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार देर रात डिलीवरी देने पहुंचे श्याम के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहने के बाद बाहर निकलने की कोशिश के दौरान लिफ्ट अचानक नीचे आ गिरी। हादसे में उसके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है। फिलहाल निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। गेट खोलने की कोशिश के दौरान हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, डिलीवरी देने के लिए सोसाइटी पहुंचे श्याम लिफ्ट में फंस गए थे। करीब 15 मिनट तक बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर उन्होंने लिफ्ट का गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान लिफ्ट अचानक तेजी से नीचे आ गई। हादसे में उनके पैर, कमर और छाती में चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह लिफ्ट का गेट खोलकर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है। चोट गंभीर होने के कारण ऑपरेशन कर पैर में रॉड डालनी पड़ी। फिलहाल उनका इलाज जारी है। परिवार के सामने इलाज के खर्च की चुनौती हादसे के बाद श्याम का परिवार आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है। उनके भाई सुमित ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और अस्पताल में इलाज का खर्च उठाना आसान नहीं है। परिवार अब बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की तैयारी कर रहा है। उनकी मांग है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और श्याम के इलाज का खर्च दिलाया जाए। पहले भी उठ चुके हैं लिफ्ट के रखरखाव पर सवाल इस घटना के बाद सोसाइटी की लिफ्टों की सुरक्षा और रखरखाव पर फिर सवाल उठने लगे हैं। एओए अध्यक्ष अनिल वर्मा के अनुसार, लिफ्ट के मेंटेनेंस को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, कुछ निवासियों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी समय पर पहुंचते तो हालात को संभालने में मदद मिल सकती थी। अब मांग उठ रही है कि सोसाइटी की सभी लिफ्टों की सुरक्षा जांच कराई जाए और खराबी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब लिफ्ट के रखरखाव को लेकर पहले शिकायतें की गई थीं, तो समस्या दूर क्यों नहीं हुई? अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस और सोसाइटी प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं। ये भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में बदहाली! गंदगी के अंबार से प्राधिकरण की कार्यशैली पर उठे सवाल